वो पत्ते आज भी हरे हैं
समय कितना बदल जाता है. पीछे के पीपल के पत्ते उन दिनों नये आये थे. बसंती बयार थी. चटक हरे रंग के पत्ते आँखों को बड़ा सुकून देते थे. शाम को पढाई की मेज के पास बैठा अक्सर उन पत्तों को हवा के प्रभाव से आपस में टकराते देखता था. ऐसा लगता था मानो पूरी … Read more